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मोदी के खास तोहफों में दिखी विरासत की झलक

SHIDDHANT
1 Sept 2026 9:47 PM IST
मोदी के खास तोहफों में दिखी विरासत की झलक
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दौरे पर मोदी के तोहफों में छिपा भारत का गौरव
Delhi दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की 26वीं बैठक में शामिल होने के लिए किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे। इस दौरान प्रधानमंत्री ने किर्गिस्तान और उज्बेकिस्तान के शीर्ष नेताओं तथा उनके परिवारों को भारत की समृद्ध कला, संस्कृति, संगीत और हस्तशिल्प परंपरा से जुड़े विशेष उपहार भेंट किए। प्रधानमंत्री मोदी ने किर्गिस्तान के राष्ट्रपति को प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और विद्वान बिबेक देबरॉय द्वारा अंग्रेजी में अनूदित महाभारत का 10 खंडों वाला संपूर्ण संस्करण भेंट किया। यह भारतीय संस्कृति और दर्शन की महत्वपूर्ण धरोहर मानी जाती है। महाभारत में धर्म, न्याय, कर्तव्य, नैतिकता और राज्य संचालन जैसे विषयों का वर्णन मिलता है। इसे किर्गिस्तान के प्रसिद्ध महाकाव्य ‘मानस’ के साथ सांस्कृतिक समानता के प्रतीक के रूप में भी प्रस्तुत किया गया।
इसके अलावा किर्गिस्तान के राष्ट्रपति को लद्दाख का पारंपरिक ‘त्सुग-दुल’ ऊनी कंबल भी उपहार में दिया गया। स्थानीय ऊन से तैयार यह कंबल अपनी रंग-बिरंगी ज्यामितीय और पुष्पीय डिजाइनों के लिए जाना जाता है। यह लद्दाख की घुमंतू और पशुपालक संस्कृति को दर्शाता है और किर्गिस्तान की पर्वतीय परंपराओं से भी जुड़ाव दिखाता है। किर्गिस्तान के प्रधानमंत्री को डोकरा कला से बनी पारंपरिक संगीतकारों की जोड़ी भेंट की गई। यह हस्तशिल्प प्राचीन ‘लॉस्ट वैक्स’ धातु ढलाई तकनीक से तैयार किया जाता है। यह भारतीय लोककला और संगीत विरासत का प्रतीक है।
उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति को चंदन की लकड़ी से बनी शततंत्री वीणा (संतूर) भेंट की गई। जम्मू-कश्मीर की संगीत परंपरा से जुड़ा यह वाद्य उज्बेकिस्तान के पारंपरिक ‘चांग’ वाद्य से समानता रखता है और दोनों देशों की साझा संगीत विरासत को दर्शाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति को लकड़ी के नक्काशीदार बॉक्स में कांगड़ा की प्रीमियम चाय भी भेंट की। इसमें कांगड़ा फर्स्ट फ्लश ब्लैक टी और कांगड़ा ग्रीन टी शामिल थीं। हिमाचल प्रदेश की कांगड़ा घाटी की यह चाय अपनी सुगंध और विशिष्ट स्वाद के लिए प्रसिद्ध है।
उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति की पत्नी को आगरा की संगमरमर जड़ाई वाली पेटी और वाराणसी की बनारसी सिल्क स्टोल दी गई। वहीं उनकी बेटी को फाइन सिल्वर ब्रोच भेंट किया गया, जिसमें भारतीय आभूषण कला की बारीक नक्काशी दिखाई देती है। इसके अलावा उज्बेकिस्तान के प्रधानमंत्री को आगरा की संगमरमर जड़ाई कला से तैयार सजावटी प्लेट भेंट की गई। इस पर बने पुष्पीय डिजाइन भारत की पारंपरिक शिल्पकला और दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक हैं।
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